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हम आपका प्यार पाकर बहुत ही ख़ुश हैं। हम उम्मीद करते हैं, जिस तरह अभी तक आपने PoemGyan (पोएमज्ञान) को पसंद किया है, आगे भी हमेशा ऐसे ही पसंद करेंगे। हम इसी तरह से आपके लिए कविताओं के आसान भावार्थ (पोएम समरी) लिखते रहेंगे। इस लेख में हमने कक्षा 10 की हिंदी क्षितिज भाग-2(Hindi Kshitij Class 10 Poems Summary in Hindi) की सारी कविताओं के भावार्थों का लिंक दिया है। आपको जिस कविता का भावार्थ यानि समरी पढ़नी है, उस पर क्लिक करें और आसान भाषा में सब कुछ समझें।

हम अपने लेखों में पूरी कोशिश करते हैं कि कम से कम शब्दों में आपको पूरी कविता एक्सप्लेन कर दें। जिससे कि आप आसानी से कविता समझ सको और परीक्षा में उसे लिख भी सको। हम यही आशा करते हैं कि परीक्षा में आप सभी के अच्छे मार्क्स आएं।

Hindi Kshitij Class 10 Poems Summary

Chapter 1 : सूरदास के पद अर्थ सहित | Surdas Ke Pad in Hindi Class 10 Summary
सूरदास हिंदी साहित्य में भक्ति-काल की सगुण भक्ति-शाखा के महान कवि हैं। इनके पद जन-जन के बीच बेहद प्रसिद्ध हैं और काफी सराहे जाते हैं। अपने पदों में सूरदास जी ने मुख्य रूप से श्री कृष्ण भगवान की लीलाओं का गुणगान किया है। इस पाठ में सूरदास जी के उस पद का वर्णन है, जिसमें उद्धव जी श्रीकृष्ण के वियोग में तड़प रही गोपियों के पास योग का संदेश लेकर जाते हैं। इस पर गोपियाँ उद्धव जी से किस प्रकार तर्क-वितर्क करती हैं, इसका पूरा वर्णन जानने के लिए पढ़ें: सूरदास के पद अर्थ सहित।

Chapter 2 : राम लक्ष्मण परशुराम संवाद अर्थ सहित | Ram Lakshman Parshuram Samvad Class 10 Summary
राम लक्ष्मण परशुराम संवाद को गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित रामचरित मानस नामक प्रसिद्ध ग्रन्थ से लिया गया है। इस काव्यांश में तुलसीदास जी ने सीता माँ के स्वयंवर की उस घटना का बड़ा ही सुंदर वर्णन किया है, जब श्रीराम से जगत-प्रसिद्ध शिव-धनुष टूट जाता है। महर्षि परशुराम के क्रोध का सामना लक्ष्मण और राम जी किस तरह से करते हैं, इसकी पूरी जानकारी पाने के लिए पढ़ें: राम लक्ष्मण संवाद अर्थ सहित।

Chapter 3 : सवैया एवं कवित्त – देव | Savaiye Class 10 Hindi Kshitij Chapter 3 Summary
कवि का पूरा नाम देवदत्त है, इन्हें हिंदी भाषा का महाकवि होने का गौरव प्राप्त है। अपने कवित्त और सवैयों में इन्होनें प्रकृति और प्रभु श्रीकृष्ण के मनोहर रूप का प्रशंसनीय वर्णन किया है। कवित्त में कवि देव किस तरह से प्रकृति और इसके विभिन्न अंगों का मानवीकरण करते हैं और कृष्ण के बालरूप का कितना सुंदर चित्रण करते हैं, यह जानने के लिए पढ़ें: कवि देव के सवैया और कवित्त अर्थ सहित।

Chapter 4 : आत्मकथ्य – जयशंकर प्रसाद | Atmakatha Class 10 Hindi Kshitij Chapter 4 Summary
हिंदी भाषा के जाने-माने कवि और साहित्यकार श्री जयशंकर प्रसाद जी द्वारा लिखी कविता आत्मकथा दिल को भीतर तक छू लेती है। इस कविता में उन्होंने बताया है कि कैसे लोग उनसे उनकी आत्मकथा लिखने के लिए कहते हैं, लेकिन अभी वो अपनी कहानी लिखना और लोगों को सुनाना नहीं चाहते हैं। आखिर कवि जयशंकर प्रसाद आत्मकथा क्यों नहीं लिखना चाहते हैं? इसका जवाब जानने के लिए पढ़ें: आत्मकथा कविता का भावार्थ और सारांश।

Chapter 5 : उत्साह एवं अट नहीं रही है – सूर्यकांत त्रिपाठी निराला  | Class 10 Hindi Kshitij Chapter 5 Summary
हिंदी साहित्य जगत के अनोखे कवि श्री सूर्यकांत त्रिपाठी निराला जी ने एक से बढ़कर एक अनोखी रचनाएं लिखीं। इस पाठ में उनकी दो कविताएं ‘उत्साह’ और ‘अट नहीं रही है’ दी गयी हैं। इनका आसान अर्थ जानने और इन कविताओं में छिपी गहराई को समझने के लिए अभी पढ़ें: उत्साह और अट नहीं रही है कविता का भावार्थ व सारांश।

Chapter 6 : यह दंतुरित मुसकान एवं फसल – नागार्जुन | Class 10 Hindi Kshitij Chapter 6 Summary
महान कवि नागार्जुन की कविताओं में आपको बेहद सरल बातों में काफी गहरे भाव दिखाई देते हैं। इस चैप्टर में उनकी दो कविताएं यह दंतुरित मुस्कान और फसल दी गयी हैं। फसल कविता में उन्होंने फसल के उगने के पीछे के रहस्य को उजागर किया है। वहीं यह दंतुरित मुस्कान कविता में उन्होंने एक नन्हे बच्चे की प्यारी-सी मुस्कान के जादू को शब्दों में उकेरा है। आइये पढ़ते हैं, इन दोनों कविताओं का भावार्थ और जानते हैं कि इन कविताओं में कवि नागर्जुन हमसे क्या कहना चाहते हैं।

Chapter 7 : छाया मत छूना- गिरिजाकुमार माथुर | Chaya Mat Chuna Poem in Hindi Class 10 Summary
प्रस्तुत कविता “छाया मत छूना” में कवि गिरिजाकुमार माथुर जी ने हमें यह संदेश देने की कोशिश की है कि हमें अपने अतीत के सुखों को याद कर अपने वर्तमान के दुःख को और गहरा नहीं करना चाहिए। इस कविता में कवि भूतकाल को पीछे छोड़कर आगे बढ़ने की प्रेरणा किस तरह से दे रहे हैं, यह जानने के लिए पढ़ें: छाया मत छूना कविता का भावार्थ और सारांश।

Chapter 8 : कन्यादान कविता – ऋतुराज | Kanyadan Class 10 Hindi Kshitij Chapter 8 Summary
कवि ऋतुराज द्वारा लिखी इस कविता में उन्होंने एक माँ और बेटी के वार्तालाप को दिखाया है। उन्होंने बताया है कि माँ किस तरह से अपनी नन्ही बेटी को बताती है कि उसे शादी के बाद कैसे जीवन जीना है और किन बातों का ध्यान रखना है। माँ-बेटी के अनमोल रिश्ते के रंगों से भरी इस कविता का भावार्थ जानने के लिए अभी पढ़ें: कन्यादान कविता का सारांश और भावार्थ।

Chapter 9 : संगतकार – मंगलेश डबराल | Sangatkar Class 10 Hindi Kshitij Chapter 9 Summary
संगतकार कविता में कवि ने उन लोगों की चर्चा की है, जो मेहनत करने के बाद भी कभी प्रसिद्धि का स्वाद नहीं चखते। फिर भी वे निरंतर कार्य करते चले जाते हैं। उन्हें कभी उनके काम के लिए तारीफ़ सुनने को नहीं मिलती, बल्कि उनके काम का श्रेय किसी अन्य को मिलता है। कविता में कवि ने संगतकार के माध्यम से ऐसे लोगों की पीड़ा को कैसे व्यक्त किया है, जानने के लिए अभी पढ़ें: संगतकार कविता का सारांश और भावार्थ।

Hindi Kshitij Class 10 Poems Summary in Hindi

हमें आशा है कि आपको इस लेख में ही सारी कविताएं मिल जाएंगी और दोबारा आपको सर्च करने में टाइम वेस्ट नहीं करना पड़ेगा। PoemGyan है आपकी पढाई का सच्चा साथी, इसीलिए कृपया PoemGyan को Bookmark कीजिए और जब मन चाहे तब पोएम समरी पढ़ें और परीक्षा में बेहतरीन नंबर्स लाएं।

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