Kabir Ke Dohe Aisi Vani Boliye Meaning in Hindi

संत कबीर दास के दोहे अर्थ सहित – Kabir Das Ke Dohe Arth Sahit

ऐसी वाणी बोलिए मन का आपा खोये |
औरन को शीतल करे, आपहुं शीतल होए ||

Kabir Ke Dohe Aisi Vani Boliye Meaning in Hindi :

कबीर ने अपने दोहे में वाणी यानि आपके मुँह से निकली बातों को अत्यधिक महत्वपूर्ण बताया है। उन्होंने वाणी को सबसे ऊपर रखा है। महाकवि संत कबीर दास के दोहे में कहा गया है कि “ऐसी वाणी बोलिये मन का आपा खोय। औरन को शीतल करे, आपहुं शीतल होय।” अर्थात हमें ऐसी मधुर वाणी बोलनी चाहिए, जिससे दूसरों को शीतलता का अनुभव हो और साथ ही हमारा मन भी प्रसन्न हो उठे।

मधुर वाणी औषधि के सामान होती है, जबकि कटु वाणी तीर के समान कानों से प्रवेश होकर संपूर्ण शरीर को पीड़ा देती है। मधुर वाणी से समाज में एक – दूसरे के प्रति प्रेम की भावना का संचार होता है। जबकि कटु वचनों से सामाजिक प्राणी एक – दूसरे के विरोधी बन जाते है।


कहा गया है कि “तलवार का घाव देर-सवेर भर ही जाता है, किंतु कटु वचनों से हुआ घाव कभी नहीं भरता।” इसलिए हमेशा मीठा और उचित ही बोलना चाहिए, जो दूसरों को तो प्रसन्न करता ही है और खुद को भी सुख की अनुभूति कराता है। साथ ही, हमें उन वचनों का त्याग करना चाहिए, जो द्वेषपूर्ण हों। कहा जाता है कि मधुर वचनों से बिगड़े हुए कार्यो को भी बनाया जा सकता है।

वाणी मनुष्य के लिए ईश्वर की दी हुई एक अनोखी देन है, अतः कटु वचन बोलकर इस देन को व्यर्थ न करें। संत कबीर के दोहे से हमें यही सीख मिलती है कि हमारी वाणी में मधुरता का जितना अधिक अंश रहेगा, उतना ही हम दूसरों के लिए प्रिय बनेंगे। वाणी की मधुरता हृदय के द्वार खोलने की कुंजी है। हमारी वाणी से ही हमारी शिक्षा, दीक्षा, परंपरा और मर्यादा का पता चलता है। कटु वचन बोलने वाले को समाज में कभी सम्मान नहीं मिलता। इसलिए जैसा कि कबीर दास के दोहे में कहा गया है – हमें हमेशा लोगों से प्रेमभरी मीठी वाणी में बात करनी चाहिए।

Aisi Vani Boliye Doha in English  

“aisi vani boliye, man ka aapa khoye
auran ko sheetal kare, aaphu sheetal hoye”

कबीर के दोहे अर्थ सहित: 

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1 thought on “Kabir Ke Dohe Aisi Vani Boliye Meaning in Hindi”

  1. I heard this doha many times before, but I never knew the real meaning of this Wonderful Doha. I used to speak so polite before my marriage, but after the marriage as time passed, I started to speak not polite like before. Now for last couple of months, again at the age of 57, I practice to speak nice and polite words only.
    After reading the meaning, now I will be more aware of mu language.
    Thanks for explaining in such a beautiful way.

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