Ncert Solutions Class 10 Hindi Kshitij All Chapters

Chapter 1: Surdas Ke Pad
Chapter 2: Ram Lakshman Parshuram Samvad
Chapter 3: Savaiye awm Kavit
Chapter 4: Atmakatha
Chapter 5: Utsah awm Att Nahi Rahi
Chapter 6: Yeh Danturit Muskan
Chapter 7: Chaya Mat Chuna
Chapter 8: Kanyadan
Chapter 9: Sangatkar

कक्षा 10 क्षितिज भाग 2 पाठ्यक्रम 

1. सूरदास: प्रस्तुत काव्य में सूरदास जी के भ्रमरगीत के चार पदों का वर्णन किया गया है। यहाँ सूरदास जी गोपियों के द्वारा उद्धव पर व्यंग करते हैं और उनके ज्ञान मार्ग की तुलना में प्रेम मार्ग को महान बताया है। आगे पढ़ें …

2. तुलसीदास: “राम लक्ष्मण परशुराम संवाद” में तुलसीदास जी ने रामचरितमानस के बाल कांड के एक अंश वर्णन किया है। सीता स्वयंवर के समय जब राम जी शिव धनुष तोड़ देते हैं, तो परशुराम इससे क्रोधित होकर राम का वध करने चले आते हैं। इसके बाद परशुराम, लक्ष्मण और राम के बीच जो बातचीत चली उसी का वर्णन यहाँ दिया गया है। आगे पढ़ें …

3. देव: प्रस्तुत काव्य में देव जी के सवैये और कवित्त का वर्णन किया गया है। जहाँ सवैये में कवि ने कृष्ण के रूप-सौंदर्य का वर्णन किया है वहीँ दूसरी ओर कवित्त में कवि ने बसंत को बालक के रूप में दिखाकर प्रकृति का गुणगान किया है। आगे पढ़ें …

4. जयशंकर प्रसाद: जयशंकर प्रसाद जी के मित्रों ने उनसे आत्मकथा लिखने की मांग की पर उन्हें अपनी आत्मकथा नहीं लिखनी थी। इस काव्य ने कवि ने इसी असहमति का वर्णन किया है। कवि खुद को एक सामान्य वयक्ति मानते हैं। आगे पढ़ें …

5. सूर्यकांत त्रिपाठी निराला: अपनी “उत्साह” गीत से सूर्यकांत त्रिपाठी निराला जी ने सोए हुए देशवासियों के हृदय में क्रांति-चेतना की भावना जगाने का प्रयास किया है। “अट नहीं रही है” कविता के माध्यम से कवि ने प्रसन्न मन, प्राकृतिक सौंदर्य और उल्लास का वर्णन किया है। आगे पढ़ें …

6. नागार्जुन: “यह दंतुरित मुसकान” कविता में कवि नागार्जुन जी छोटे बालक की मुस्कान देखकर अपने मन में उठने वाले भावों का वर्णन किया है। उनके अनुसार बालक की ये मुस्कान देखकर कोई पत्थर दिल भी पिघल जाए। “फसल” कविता में कवि हमें ये बताने का प्रयास कर रहे हैं कि फसल पैदा करने में प्रकृति और मनुष्य दोनों का योगदान होता है। आगे पढ़ें …

7. सियारामशरण गुप्त: प्रस्तुत कविता “छाया मत छूना” के माध्यम से कवि हमें यह सन्देश देना चाहते हैं कि जीवन में सुख और दुःख दोनों ही होते हैं। पुरानी यादों के साये में जीवन बिताने से अच्छा है हमें वर्तमान का डट कर सामान करना चाहिए। आगे पढ़ें …

8. ऋतुराज: अपनी प्रस्तुत कविता “कन्यादान” में कवि ने एक माँ और बेटी के रिश्ते का वर्णन किया है। कवि ने एक माँ अपनी बेटी को विदा करते हुए क्या शिक्षा देती है, इसका वर्णन किया गया है। आगे पढ़ें …

9. मंगलेश डबराल: “संगतकार” कविता में कवि ऐसे लोगों का वर्णन कर रहा है, जिन्होंने अपने कर्तव्य भली भांति निभाएं, लेकिन उन्हें कभी मान-सम्मान नहीं मिला। जैसे मुख्य गायक के पीछे गानेवाले संगतकार। ठीक इसी प्रकार इतिहास में ऐसे कई उदहारण मिल सकते हैं। आगे पढ़ें …

Ncert Solutions Class 10 Hindi Kshitij

Chapter 1 : सूरदास के पद
Chapter 2 : राम लक्ष्मण परशुराम संवाद
Chapter 3 : सवैया एवं कवित्त
Chapter 4 : आत्मकथ्य
Chapter 5 : उत्साह एवं अट नहीं रही है
Chapter 6 : यह दंतुरित मुसकान एवं फसल
Chapter 7 : छाया मत छूना
Chapter 8 : कन्यादान
Chapter 9 : संगतकार