Hindi Vasant Class 7 All Chapters Summary
Chapter 01. हम पंछी उन्मुक्त गगन के (शिवमंगल सिंह)
Chapter 04. कठपुतली (भवानी प्रसाद मिश्र)
Chapter 08. शाम- एक किसान (सर्वेश्वरदयाल सक्सेना)
Chapter 11. रहीम के दोहे (रहीम)
Chapter 13. एक तिनका (अयोध्या सिंह उपाध्या)
Chapter 16. भोर और बरखा कविता (मीरा बाई)
Chapter 20. विप्लव गायन (बालकृष्ण शर्मा “नवीन”)

01. हम पंछी उन्मुक्त गगन के: हिंदी भाषा के महान कवि शिवमंगल सिंह सुमन ने प्रस्तुत कविता “हम पंछी उन्मुक्त गगन के” के माध्यम से स्वतंत्रता के महत्व को समझाया है। पिंजरे में बंद पक्षी सभी सुख-सुविधा छोड़कर खुले आसमान में उड़ना चाहता है और आजादी का स्वाद चखना चाहता है। आगे पढ़ें …

04. कठपुतली: प्रस्तुत कविता में हिंदी भाषा के महान लेखक भवानी प्रसाद मिश्र जी ने ज़िम्मेदारी के महत्व को समझया है। एक कठपुतली के माध्यम से उन्होंने पराधीनता की बेड़ियों में बंधे मनुष्य के मन की व्यथा को दर्शाया है। आगे पढ़ें …

08. शाम- एक किसान: प्रस्तुत कविता में कवि सर्वेश्वरदयाल सक्सेना जी ने जाड़े के एक शाम के प्राकृतिक दृश्य का मानवीकरण किया है। उन्होंने इसका वर्णन एक बैठे हुए किसान के रूप में किया है। इस कविता को सरल एवं आसान शब्दों में समझने के लिए आगे पढ़ें …

11. रहीम के दोहे: प्रस्तुत पाठ “रहीम के दोहे” संत कवि रहीम जी ने मनुष्य की सहनशक्ति, सच्चे प्रेम, सच्चे मित्र के गुणों का वर्णन बहुत ही सरल शब्दों में और मनोहर ढंग से किया है। इनके दोहों को पढ़ने और समझने के लिए आगे पढ़ें …

13. एक तिनका: प्रस्तुत कविता में हिंदी भाषा के महान लेखक और कवि अयोध्या सिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’ जी ने अपना उदहारण पेश करते हुए, हमें कभी भी घमंड न करने की प्रेरणा दी है। आगे पढ़ें …

16. भोर और बरखा कविता: श्रीकृष्ण की महान भक्त कवयित्री मीराबाई ने अपने इन पदों में श्री कृष्ण के प्रति अपने अपार प्रेम का वर्णन किया है। मीरा के कृष्ण प्रेम के बारे में पढ़ने और समझने के लिए आगे पढ़ें …

20. विप्लव गायन: प्रस्तुत कविता में कवि बालकृष्ण शर्मा “नवीन” ने पुराने कुविचारों और पाखंडों का अंत कर नए और स्वच्छ समाज की नींव रखने का सन्देश दिया है। इस कविता के माध्यम से कवि हमें क्रांति लाने के लिए कह रहा है, जिससे नए समाज का निर्माण हो सके। आगे पढ़ें …