Hindi Vasant Class 7 Chapter 8 Shaam Ek Kisan

शाम एक किसान कविता का भावार्थ

सर्वेश्वर दयाल सक्सेना का जीवन परिचय: सर्वेश्वर दयाल सक्सेना जी का जन्म 15 सितम्बर सन् 1927 में उत्तरप्रदेश के बस्ती जिले में हुआ। ये अपने समय के बहुत ही प्रसिद्ध साहित्यकार और कवि थे। कविताओं के अलावा इन्होंने बाल साहित्य, नाटक और कहानियां भी लिखीं। उनकी कृतियों को कई अन्य भाषाओं में अनुवाद हो चुका है। इनकी प्रमुख रचनाएं ‘खूंटियों पर टँगे लोग’, ‘पागल कुत्तों का मसीहा’, ‘बकरी’, ‘बतूता का जूता’ हैं। खूंटियों पर टँगे लोग काव्य संग्रह के लिए इन्हें सन् 1983 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया। 


शाम एक किसान – Shaam Ek Kisan 

आकाश का साफ़ा बाँधकर
सूरज की चिलम खींचता
बैठा है पहाड़,
घुटनों पर पड़ी है नही चादर-सी,
पास ही दहक रही है
पलाश के जंगल की अँगीठी
अंधकार दूर पूर्व में
सिमटा बैठा है भेड़ों के गल्‍ले-सा।

अचानक- बोला मोर।
जैसे किसी ने आवाज़ दी-
‘सुनते हो’।
चिलम औंधी
धुआँ उठा-
सूरज डूबा
अंधेरा छा गया।


शाम एक किसान कविता का सारांश (summary of shaam ek kisan): सर्वेश्वर दयाल सक्सेना जी ने अपनी कविता ‘शाम-एक किसान’ में शाम के समय का बड़ा ही मनोहर वर्णन किया है। शाम का प्राकृतिक दृश्य बहुत ही सुंदर है। इस दौरान पहाड़ – बैठे हुए किसी किसान जैसा दिख रहा है। आकाश उसके माथे पर बंधे एक साफे (पगड़ी) की तरह दिख रहा है। पहाड़ के नीचे बह रही नदी, किसान के पैरों पर पड़ी चादर जैसी लग रही है। पलाश के पेड़ों पर खिले लाल फूल किसी अंगीठी में रखे अंगारों की तरह दिख रहे हैं। फिर पूर्व दिशा में गहराता अंधेरा भेड़ों के झुंड जैसा लगता है। अचानक मोर के बोलने से सब बदल जाता है और शाम ढल जाती है।

Hindi Vasant Class 7 All Chapters Summary
Chapter 01. हम पंछी उन्मुक्त गगन के (शिवमंगल सिंह)
Chapter 04. कठपुतली (भवानी प्रसाद मिश्र)
Chapter 08. शाम- एक किसान (सर्वेश्वरदयाल सक्सेना)
Chapter 11. रहीम के दोहे (रहीम)
Chapter 13. एक तिनका (अयोध्या सिंह उपाध्या)
Chapter 16. भोर और बरखा कविता (मीरा बाई)
Chapter 20. विप्लव गायन (बालकृष्ण शर्मा “नवीन”)

शाम एक किसान कविता का भावार्थ – Shaam Ek Kisan Class 7 Summary 

आकाश का साफ़ा बाँधकर
सूरज की चिलम खींचता
बैठा है पहाड़,
घुटनों पर पड़ी है नही चादर-सी,
पास ही दहक रही है
पलाश के जंगल की अँगीठी
अंधकार दूर पूर्व में
सिमटा बैठा है भेड़ों के गल्‍ले-सा।
शाम एक किसान कविता का भावार्थ : सर्वेश्वर दयाल सक्सेना जी अपनी कविता शाम एक किसान की इन पंक्तियों में शाम होने के समय प्राकृतिक दृश्य का बड़ा ही मनोरम वर्णन कर रहे हैं।

उनके अनुसार, शाम के समय पहाड़ किसी बैठे हुए किसान की तरह दिख रहा है और आसमान उसके सिर पर रखी किसी पगड़ी की तरह दिख रहा है। पहाड़ के नीचे बह रही नदी, किसान के घुटनों पर रखी किसी चादर जैसी लग रही है। पलाश के पेड़ों पर खिले लाल पुष्प कवि को अंगीठी में जलते अंगारों की तरह दिख रहे हैं। पूर्व में फैलता अंधेरा सिमटकर बैठी भेड़ों की तरह प्रतीत हो रहा है। 

पश्चिम दिशा में मौजूद सूरज चिलम पर रखी आग की तरह लग रहा है। चारों तरफ एक मनभावन शांति छाई है।

अचानक- बोला मोर।
जैसे किसी ने आवाज़ दी-
‘सुनते हो’।
चिलम औंधी
धुआँ उठा-
सूरज डूबा
अंधेरा छा गया।
शाम एक किसान कविता का भावार्थ : सर्वेश्वर दयाल सक्सेना जी ने अपनी कविता शाम एक किसान के इस पद्यांश में शाम के मनोहर सन्नाटे के भंग होने का वर्णन किया है। चारों तरफ छाई शांति के बीच अचानक एक मोर बोल पड़ता है, मानो कोई पुकार रहा हो, ‘सुनते हो!’ फिर सारा दृश्य किसी घटना में बदल जाता है, जैसे सूरज की चिलम किसी ने उलट दी हो, जलती आग बुझने लगी हो और धुंआ उठने लगा हो। असल में, अब सूरज डूब रहा है और चारों तरफ अंधेरा छाने लगा है।


NCERT Solutions for Class 7 Hindi Shaam Ek Kisan Ncert Solutions for Class 7 Hindi Chapter 8  

प्रश्न 1. इस कविता में शाम के दृश्य को किसान के रूप में दिखाया गया है-यह एकरूपक है। इसे बनाने के लिए पाँच एकरूपताओं की जोड़ी बनाई गई है। उन्हें उपमा कहते हैं। पहली एकरूपता आकाश और साफ़े में दिखाते हुए कविता में ‘आकाश का साफ़ा’ वाक्यांश आया है। इसी तरह तीसरी एकरूपता नदी और चादर में दिखाई गई है, मानो नदी चादर-सी हो। अब आप दूसरी, चौथी और पाँचवीं एकरूपताओं को खोजकर लिखिए।

Class 7 Hindi उत्तर. कविता में दिखाई गई दूसरी, चौथी और पांचवी एकरूपताएँ निम्न हैं:
दूसरी एकरूपता: चिलम सूरज-सी
चौथी एकरूपता: पलाश के जंगल की अंगीठी
पाँचवी एकरूपता: अंधकार भेड़ों के गल्ले-सा

प्रश्न 2. शाम का दृश्य अपने घर की छत या खिड़की से देखकर बताइए-
(क) शाम कब से शुरू हुई?
(ख) तब से लेकर सूरज डूबने में कितना समय लगा?
(ग) इस बीच आसमान में क्या-क्या परिवर्तन आए?

Class 7 Hindi उत्तर. शाम को घर की खिड़की या छत से देखने पर मालूम होता है कि

(क) सूरज के पश्चिम दिशा में जाने के साथ ही शाम की शुरुआत हुई, लगभग छह बजे आपको शाम महसूस होने लगेगी।
(ख) फिर उसके बाद सूरज को पूरी तरह डूबने में लगभग डेढ़ घंटे का समय लगा।
(ग) जैसे-जैसे सूरज पश्चिम की तरफ जाने लगा, आसमान की रंगत बदलने लगी। पहले वो हल्का पीला हुआ और फिर चारों तरफ लालिमा छा गयी। फिर धीरे-धीरे हर ओर अंधेरा छा गया।

प्रश्न 3. मोर के बोलने पर कवि को लगा जैसे किसी ने कहा हो-‘सुनते हो’। नीचे दिए गए पक्षियों की बोली सुनकर उन्हें भी एक या दो शब्दों में बाँधिए- कबूतर, कौआ, मैना, तोता, चील, हंस

Class 7 Hindi उत्तर. इन पक्षियों के नामों से हमारे मन में निम्न ख़याल आए –

कबूतर – किसका ख़त लाए हो?
कौआ – आज घर कोई आने वाला है!
मैना – तुम्हारी आवाज़ मन मोह लेती है।
तोता – समय बड़ा ही रंगीन है।
चील – ज़रा रुको और मेरे पास आओ!
हंस – तुमसे साफ और निराला कोई नहीं।