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सरोज स्मृति कविता का प्रश्न-अभ्यास

सरोज स्मृति प्रश्न 1. सरोज के नव-वधू रूप का वर्णन अपने शब्दों में कीजिए।

उत्तर- कवि निराला को उनकी पुत्री सरोज विवाह वाले दिन कामदेव की पत्नी रति जैसी सुंदर लग रही थी। सरोज जब हंस रही थी तब वह अपने होठों को मध्य में रोक भी रही थी। विवाह वाले दिन सरोज को अपनी माता की भी बहुत याद आ रही थी। 

सरोज विवाह के जोड़े में बिल्कुल अपनी माता की तरह लग रही थी। कवि निराला को अपनी पुत्री में अपनी पत्नि की छवि दिख रही थी। कवि निराला को अपनी पुत्री संसार की सबसे अच्छी वधू लग रही थी।

सरोज स्मृति प्रश्न 2. कवि को अपनी स्वर्गीया पत्नी की याद क्यों आई?

उत्तर- कवि निराला को अपनी स्वर्गीया पत्नी की याद उनकी पुत्री सरोज को विवाह के जोड़े में देख कर आई। जब वह कविता लिख रहे थे तब अपनी पुत्री सरोज को याद करते करते भी कवि निराला को अपनी पत्नी की याद बेहद सता रही थी।

एक पिता होने के साथ-साथ एक मां का भी कर्तव्य कवि निराला ने निभाया था। इसलिए विवाह वाले दिन कवि निराला को अपनी पत्नी की याद आ रही थी।

सरोज स्मृति प्रश्न 3. ‘आकाश बदल कर बना मही’ में ‘आकाश’ और ‘मही’ शब्द किनकी ओर संकेत करते हैं?

उत्तर- प्रस्तुत काव्य पंक्तियां कवि निराला को श्रृंगार से भरपूर कल्पना के क्षण याद दिला रहे हैं। कवि निराला को अपनी पुत्री विवाह के दिन ऐसे लगी मानो आकाश से कोई परी धरती पर उतर आई हो।

सरोज स्मृति प्रश्न 4. सरोज का विवाह अन्य विवाहों से किस प्रकार भिन्न था?

उत्तर- सरोज का विवाह अन्य विवाहों से इसलिए भिन्न था क्योंकि सरोज के विवाह में ना तो कोई विवाह के गीत गाए गए थे, ना ही किसी को निमंत्रण पत्र दिया गया था, मेहंदी एवं हल्दी जैसे रस्म भी नहीं निभाए गए थे।

एक तरह से कहा जाए तो सरोज का विवाह बहुत ही सादगी के साथ शांति नामक गीत से संपन्न हुआ था।

सरोज स्मृति प्रश्न 5. ‘वह लता वहीं की, जहां कली तू खिली’ पंक्ति के द्वारा किस प्रसंग को उद्घाटित किया गया है?

उत्तर- प्रस्तुत काव्य पंक्तियों के माध्यम से कवि निराला अपनी पुत्री सरोज के पालन पोषण के प्रसंगों को उठाते हैं। सरोज का बचपन उनके ननिहाल में गुज़रा था। सुख-दुःख की घड़ी में सरोज को उसके ननिहाल का सहारा था। कवि ने इन पंक्तियों के माध्यम से पुत्री सरोज के बचपन का चित्रण किया था।

सरोज स्मृति प्रश्न 6. ‘मुझ भाग्यहीन की तू संबल’ निराला की यह पंक्ति क्या ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ जैसे कार्यक्रम की मांग करती है।

उत्तर- हाँ, प्रस्तुत काव्य पंक्तियाँ  ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ जैसे कार्यक्रम की मांग करती है।

सरोज स्मृति प्रश्न 7. निम्नलिखित पंक्तियों का अर्थ स्पष्ट कीजिए-

(क) नत नयनों से आलोक उतर

उत्तर- प्रस्तुत काव्य पंक्तियों के माध्यम से कवि अपनी प्रसन्नता को व्यक्त करते है। कवि अपनी पुत्री सरोज के आँखों का वर्णन करते हुए कहते है कि उसके आँखों में एक चमक थी। 

(ख) श्रृंगार रहा जो निराकार

उत्तर- अर्थहीन श्रृंगार का वर्णन किया गया था।

(ग) पर पाठ अन्य यह, अन्य कला

उत्तर- अभिज्ञान शकुंतलम की शकुंतला से कवि ने अपनी पुत्री सरोज की तुलना की है। सरोज एवं शकुंतला दोनों ही माता विहीन पुत्री थी। लेकिन एक अंतर यह था कि शकुंतला की माता स्व इच्छा से शकुंतला को छोड़कर चली गई थी और सरोज की माता की अकाल मृत्यु हो गई थी।

(घ) यदि धर्म, रहे नत सदा याद

उत्तर- प्रस्तुत काव्य पंक्तियों में कवि सूर्यकांत त्रिपाठी निराला कहते हैं कि वे सच्चाई के पथ पर चलना अधिक पसंद करते हैं।

कवि निराला का जीवन दुखों से भरा पूरा था लेकिन फिर भी कभी भी उन्होंने कोई गलत रास्ता नहीं चुना। उन्होंने धर्म का साथ दिया और हमेशा सत्य के पथ पर अग्रसर रहें।

अंत में कवि इश्वर से प्रार्थना करते हैं कि उनके सभी अच्छे कर्मों का फल उनकी पुत्री को प्राप्त हो और अंत में वह अपनी पुत्री का तर्पण करते हैं।