Kabir Das Sakhi Meaning in Hindi – Sakhi in Hindi

Kabir Das Sakhi Meaning in Hindi – Sakhi in Hindi

साखी सब्द का अर्थ : साखी संत कबीर दास जी द्वारा रचित दोहे हैं। साखी सब्द का अर्थ “साक्षी” होता है। साक्षी शब्द का अर्थ तो आपको पता ही होगा, इसे हम इंग्लिश में विटनेस बोलते हैं और उर्दू में गवाह। अर्थात, ऐसा व्यक्ति जो किसी घटना या कथन की सत्यता की पुष्टि कर सके। साखियाँ कबीरदास जी द्वारा रचित वे दोहे हैं, जिनमें उन्होंने अपने जीवन की अनुभूतियों को साक्ष्यों के साथ जन-मानस के सामने प्रस्तुत किया है। साखी में रचित अपने दोहों के माध्यम से संत कबीर दास जी हिन्दू और मुस्लिम धर्म में फैली बुराइयों का अंत करना चाहते थे। वे हिन्दू-मुस्लिम एकता पर विश्वास करते थे।

कबीर दास जी के समय समाज में दूसरों के धर्म के विरोध की भावना भरी हुई थी। हिन्दू और मुस्लिम अपने-अपने धर्म को महान समझते थे। परन्तु कबीर दास जी ने देखा कि दोनों ही धर्मों में अपनी-अपनी बुराइयां एवं अच्छाइयां हैं। उन्होंने अपने जीवन के अनुभवों को साखी नामक दोहों में समाज के सामने प्रस्तुत करते हुए, लोगों को अंधकार से निकाल कर प्रकाश में लाने एवं उनकी सोई हुई चेतना को जगाने का प्रयत्न किया।

उन्होंने अपनी साखी में रचित दोहों के द्वारा हिन्दू एवं मुसलमानों को एक-दूसरे के धर्म में व्याप्त बुराइयों को भूलकर, उनकी अच्छाइयों को अपनाने एवं भाईचारे का संदेश दिया। यही कारण है कि कबीर दास जी द्वारा रचित साखी या साखियां इतनी विख्यात हुईं। उन्होंने अपने पाठकों एवं अनुयाइयों को अपने खुद के उदाहरण के माध्यम से समझाने का प्रयत्न किया। उन्होंने खुद के जीवन के अनुभवों को जनता के सामने रखा, इसीलिए इनके द्वारा रचित इन दोहों के संग्रह को कबीर की साखी कहा जाता है। ये इस बात की साक्षी हैं कि आपसी भेद-भाव और धर्म को भूलकर, मनुष्य को भाईचारे के साथ रहना चाहिए, तभी वो जीवन में सुकून प्राप्त कर सकता है।


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