Diye jal uthe class 9 hindi sanchayan chapter 6 extra question answer

इस चैप्टर में हम कक्षा 9 की पुस्तक संचयन में दिए गए छठें अध्याय ‘दिये जल उठे के अतिरिक्त प्रश्न उत्तर’ (Class 9 Hindi Sanchayan Chapter 6 Diye Jal Uthe extra question answer) पढ़ेंगे और समझेंगे।

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diye jal uthe question 1. दांडी कूच से पहले गाँधी जी ने क्या निश्चय किया था? क्या वे उस निश्चय पर टिके रह सके ?

दिये जल उठे उत्तर 1. गांधी ने दांडी कूच शुरू होने से पहले ही यह निश्चय कर लिया था कि वह अपनी यात्रा ब्रिटिश आधिपत्य वाले भूभाग से ही करेंगे। किसी राजघराने के इलाके में नहीं जाएँगे लेकिन इस यात्रा में उन्हें थोड़ी देर के लिए बड़ौदा रियासत से गुजरना पड़ा। ऐसा न करने पर यात्रा करीब बीस किलोमीटर लंबी हो जाती और इसका असर यात्रा कार्यक्रम पर पड़ता ।


diye jal uthe question 2. कलेक्टर कौन था?

दिये जल उठे उत्तर 2. कलेक्टर शिलिडी के आदेश पर ही पटेल की गिरफ्तारी हुई थी, जिसे पटेल ने पिछले आंदोलन के समय अहमदाबाद से भगा दिया था।

diye jal uthe question 3. वल्लभभाई पटेल की गिरफ्तारी पर देश में क्या प्रतिक्रिया हुई ?

दिये जल उठे उत्तर 3. पटेल की गिरफ्तारी पर देशभर में प्रतिक्रिया हुई। दिल्ली में मदन मोहन मालवीय ने केंद्रीय एसेंबली में एक प्रस्ताव पेश किया जिसमें बिना मुकदमा चलाए पटेल को जेल भेजने के सरकारी कदम की निंदा की गई थी। लेकिन प्रस्ताव पारित नहीं हो सका। इस प्रस्ताव पर कई नेताओं ने अपनी राय सदन में रखी। मोहम्मद अली जिन्ना ने कहा, “सरदार वल्लभभाई पटेल की गिरफ़्तारी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के सिद्धांत पर हमला है। भारत सरकार एक ऐसी नज़ीर पेश कर रही है। जिसके गंभीर परिणाम होंगे।” इस प्रकार पूरे देश में पटेल की गिरफ्तारी होने पर बहुत निंदा की गई थी।

diye jal uthe question 4. पटेल को क्या सजा मिली? गाँधी जी की इस पर क्या प्रतिक्रिया थी?

दिये जल उठे उत्तर 4. पटेल को 500 रुपये जुर्माने के साथ तीन महीने की जेल की सजा मिली। इसके लिए उन्हें अहमदाबाद में साबरमती जेल ले जाया गया। साबरमती आश्रम में गांधी को पटेल की गिरफ़्तारी, उनकी सजा और उन्हें साबरमती जेल लाए जाने की सूचना दी गई। गांधी इस गिरफ़्तारी से बहुत क्षुब्ध थे। उन्होंने कहा कि अब दांडी कूच की तारीख बदल सकती है। इसलिए गाँधी जी ने तय किया कि वह अपने अभियान पर 12 मार्च से पहले ही रवाना हो सकते हैं।

diye jal uthe question 5. देशवासी देशहित में अपनी जान तब झोंकते हैं, जब उन्हें बलिदानी और सच्चे नेताओं का नेतृत्व मिल जाए।’ – ‘दीये जल उठे पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए।

दिये जल उठे उत्तर 5. किसी भी देश के लोगों को जब बलिदानी और सच्चे नेता मिल जाए तो वहां के देशवासी देशहित में अपनी जान भी झोंकते हैं। इस पाठ में हम देख सकते हैं पटेल जैसे शहिद एकता के प्रतीक और गाँधीजी जैसे सत्यग्रही, अहिंसा, सर्वोदय, बलिदानी नेताओं को देखकर और उनके साथ मिलकर देशवासियों ने एक बड़ा दांडी मार्च आंदोलन किया। किस प्रकार सभी लोग एक साथ मिलकर महिसागर नदी पार करते हैं। गाँव के लोग एक-दूसरे को महिसागर नदी पार करवाने के लिए रात के 12 बजे नदी के दोनों तरफ दिये लेकर खड़े होते हैं। सभी देशवासी एक आंदोलन में ऐसे जुट जाते हैं कि वे अपनी जान की बिल्कुल भी परवाह नहीं करते। उनके अंदर पटेल और गांधी जी की तरह की अपने देश कर प्रति सच्ची भावना भी उत्पन्न होती है।

diye jal uthe question 6. इस पाठ के आधार पर सरदार पटेल के व्यक्तित्व पर टिप्पणी कीजिए ।

दिये जल उठे उत्तर 6. लेखक ने इस पाठ में सरदार पटेल जी एक सशक्त और सच्चे नेता का चित्रण किया है। पटेल जी देशहित की बात करते थे और किसी का भी खुद पर दबाव नहीं बनने देते थे। पटेल जी ने दांडी मार्च के बारे में लोगों से उनकी राय जानने की कोशिश की तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
जज ने पटेल को 500 रुपये जुर्माने के साथ तीन महीने की जेल की सजा सुनाई। इसके लिए उन्हें अहमदाबाद में साबरमती जेल ले जाया गया। पटेल ने कार में बैठते हुए आश्रमवासियों और गांधी से कहा, “मैं चलता हूँ। अब आपकी बारी है।” उनके इन्हीं शब्दों से हमें उनके व्यक्तित्व का पता चलता है।

diye jal uthe question 7. रास में गांधी जी ने लोगों को क्या संदेश दिया?

दिये जल उठे उत्तर 7. अपने भाषण में गांधी ने पटेल की गिरफ़्तारी का ज़िक्र करते हुए कहा, “सरदार को यह सजा आपकी सेवा के पुरस्कार के रूप में मिली है। उन्होंने सरकारी नौकरियों से इस्तीफ़े का उल्लेख किया और कहा कि कुछ मुखी और तलाटी ‘गंदगी पर मक्खी की तरह चिपके हुए हैं। उन्हें भी अपने निजी तुच्छ’ स्वार्थ भूलकर इस्तीफ़ा दे देना चाहिए।” उन्होंने कहा, “आप लोग कब तक गाँवों को चूसने में अपना योगदान देते रहेंगे। सरकार ने जो लूट मचा रखी है उसकी ओर से क्या अभी तक आपकी आँखें खुली नहीं हैं?”

गांधी ने रास में भी राजद्रोह की बात पर जोर दिया और कहा कि उनकी गिरफ़्तारी ‘अच्छी बात’ होगी। सरकार को खुली चुनौती देते हुए उन्होंने कहा अब फिर बादल घिर आए हैं। या कहो सही मौका सामने है। अगर सरकार मुझे गिरफ़्तार करती है तो यह एक अच्छी बात है। मुझे तीन माह की सजा होगी तो सरकार को लज्जा आएगी। राजद्रोही को तो कालापानी, देश निकाला या फांसी की सजा हो सकती है। मुझ जैसे लोग अगर राजद्रोही होना अपना धर्म मानें तो उन्हें क्या सजा मिलनी चाहिए? गाँधी जी ने पटेल की गिरफ्तारी के बाद रास के लोगों को संदेश दिया।

diye jal uthe question 8. त्याग और हिम्मत का मानव जीवन में क्या स्थान है? जीवन मूल्यों के आधार पर बताइए कि मानव के सर्वांगीण विकास में त्याग और हिम्मत का क्या स्थान है?

दिये जल उठे उत्तर 8. मनुष्य त्याग एक प्रकार का समर्पण भाव है। यह भाव मानव में तब आता है जब वह पूर्णतः स्वार्थ रहित हो जाता है। उसके मन में किसी प्रकार का कोई छल- कपट नहीं होता। तब वह समाज तथा सामाजिक कल्याण के कार्यों से जुड़ जाता है। मानव के सर्वांगीण विकास में त्याग का अपना अहम स्थान है। त्याग मानव को अन्य मनुष्यों से श्रेष्ठ बनाता है। उसे सामाजिक कल्याण की भावना से जोड़ता है। त्याग व्यक्ति के अंदर हिम्मत तथा साहस का संचार करता है। उसे बल प्रदान करता है। समाज में सम्मान दिलाता है। त्याग की भावना से ओत-प्रोत होकर व्यक्ति स्वयं के लिए न जीकर देश तथा उसके हितों के लिए जीता है।

diye jal uthe question 9. ‘दिये जल उठे – पाठ के आधार पर महिसागर नदी के किनारे के दृश्यों का वर्णन करें।

दिये जल उठे उत्तर 9. गांधी को नदी पार कराने की जिम्मेदारी रघुनाथ काका को सौंपी गई थी। उन्होंने इसके लिए एक नयी नाव खरीदी और उसे लेकर कनकापुरा पहुँच गए। बदलपुर के रघुनाथ काका को सत्याग्रहियों ने निषादराज कहना शुरू कर दिया। जब समुद्र का पानी चढ़ना शुरू हुआ तब तक अँधेरा इतना घना हो गया था कि छोटे-मोटे दिये उसे भेद नहीं पा रहे थे। थोड़ी ही देर में कई हज़ार लोग नदी तट पर पहुँच गए। उन सबके हाथों में दिये थे। यही नज़ारा नदी के दूसरी ओर भी था। पूरा गाँव और आस-पास से आए लोग दिये की रोशनी लिए गांधी और उनके सत्याग्रहियों का इंतज़ार कर रहे थे।

रात बारह बजे महिसागर नदी का किनारा भर गया। पानी चढ़ आया था। गांधी झोपड़ी से बाहर निकले और घुटनों तक पानी में चलकर नाव तक पहुँचे। ‘महात्मा गांधी की जय’, ‘सरदार पटेल की जय’ और ‘जवाहरलाल नेहरू की जय’ के नारों के बीच नाव रवाना हुई जिसे रघुनाथ काका चला रहे थे। कुछ ही देर में नारों की आवाज़ नदी के दूसरे तट से भी आने लगी। ऐसा लगा जैसे वह नदी का किनारा नहीं बल्कि पहाड़ की घाटी हो, जहाँ प्रतिध्वनि सुनाई दें।

महिसागर के दूसरे तट पर भी स्थिति कोई भिन्न नहीं थी। उसी तरह का कीचड़ और दलदली जमीन। यह पूरी यात्रा का संभवतः सबसे कठिन हिस्सा था। डेढ़ किलोमीटर तक पानी और कीचड़ में चलकर गांधी रात एक बजे उस पार पहुँचे और सीधे विश्राम करने चले गए। गाँव के बाहर, नदी के तट पर ही उनके लिए झोपड़ी पहले ही तैयार कर दी गई थी। गांधी के पार उतरने के बाद भी तट पर दिये लेकर लोग खड़े रहे। अभी सत्याग्रहियों को भी उस पार जाना था। शायद उन्हें पता था कि रात में कुछ और लोग आएँगे जिन्हें नदी पार करानी होगी।

diye jal uthe question 10. गाँधी जी ने जवाहरलाल नेहरू को क्या संदेश भिजवाया ?

दिये जल उठे उत्तर 10. अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की बैठक 21 मार्च को साबरमती के तट पर होने वाली थी। जवाहरलाल नेहरू इस बैठक से पहले गांधी से मिलना चाहते थे। उन्होंने संदेश भिजवाया जिसके जवाब में गांधी ने रास में अपनी जनसभा से पहले एक पत्र लिखा और कहा कि उन तक पहुँचना कठिन है।

तुमको पूरी एक रात का जागरण करना पड़ेगा। अगर कल रात से पहले वापस लौटना चाहते हो तो इससे बचा भी नहीं जा सकता। मैं उस समय जहाँ भी रहूँगा, संदेशवाहक तुमको वहाँ तक ले आएगा। इस प्रयाण की कठिनतम घड़ी में तुम मुझसे मिल रहे हो। तुमको रात के लगभग दो बजे जाने परखे मछुआरों के कंधों पर बैठकर एक धारा पार करनी पड़ेगी। मैं राष्ट्र के प्रमुख सेवक के लिए भी प्रयाण में ज़रा भी विराम नहीं दे सकता।

diye jal uthe question 11. उन दिनों नमक की रखवाली के लिए चौकीदार क्यों रखे जाते थे ?

दिये जल उठे उत्तर 11. उन दिनों नमक बनाना सरकारी लोगों का काम होता था। महिसागर नदी के किनारे समुद्र का पानी काफ़ी नमक छोड़ जाता था। इसलिए नमक की रखवाली के लिए चौकीदार रखे जाते थे। यह सब इसलिए भी किया जाता था कि कहीं लोग नमक की चोरी न कर ले।

diye jal uthe question 12. गांधी जी को नदी पार कराने की ज़िम्मेदारी किसे सौंपी गई ?

दिये जल उठे उत्तर 12. गांधी जी को नदी पार कराने की ज़िम्मेदारी रघुनाथ ‘काका को सौंपी गई थी। उन्होंने इस काम के लिए एक नई नाव खरीदी। गांधी जी को नदी पार कराने के के कारण रघुनाथ काका को निषादराज कहा जाने लगा था।

diye jal uthe question 13. ब्रिटिश शासकों में किस-किस वर्ग के लोग थे?

दिये जल उठे उत्तर 13. ब्रिटिश शासकों में विभिन्न राय रखने वाले लोग थे। उन लोगों में गांधी जी को लेकर विभिन्न राय थी। एक वर्ग ऐसा था, जिन्हें लगता था कि गांधी जी और उनके सत्याग्रही महिसागर नदी के किनारे नमक बनाने के कानून का उल्लंघन करके नमक बनाएँगे। गांधी जी को अच्छा समझने वाले अधिकारी इस बात से सहमत नहीं थे। उनका मानना था कि गांधी जी कोई भी काम कानून तोड़कर नहीं करेंगे।

diye jal uthe question 14. गांधी जी ने ब्रिटिश शासन के विषय में जनसभा में क्या कहा ?

दिये जल उठे उत्तर 14. महात्मा गांधी ने ब्रिटिश शासन को कुशासन बताया। उन्होंने कहा कि ब्रिटिश राज में तो निर्धन व्यक्ति से लेकर राजा तक सभी दुखी हैं। किसी को सुख प्राप्त नहीं हो रहा है। देश के सभी नवाब अंग्रेज़ी सरकार के हाथ की कठपुतली बनकर रह गए हैं। उन्होंने कहा कि अंग्रेज़ी राज तो राक्षसी राज है और इसका नाश कर देना चाहिए।

कक्षा 9 की पुस्तक संचयन में दिए गए छठें अध्याय ‘दिये जल उठे कक्षा 9 संचयन पाठ 6 के अतिरिक्त प्रश्न उत्तर’ Sanchayan Class 9 Chapter 6 Diye jal uthe extra question answer जुड़े सवालों के जवाब पाने के लिए कमेंट बॉक्स में अपना मैसेज लिखें।

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